स्वप्न और जागरण - संत ज्ञानेश्वर स्वामी सदानन्द जी परमहंस का मत
|| ॐ तत्सत् || सत्यम वद् ! धर्मं चर ! सत्यमेवजयते ! धर्ममेव जयते ! ...





















बहुत ही सुंदर और भावपूर्ण प्रस्तुति। इस भक्ति से मन को शांति और सुकून मिला। ऐसे ही आध्यात्मिक ज्ञान साझा करते रहें।shrre gajanan maharaj bhajan
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